क्या करें ( What should I do )

 भक्ति चाहिये तो विश्वास करो , मुक्ति  चाहिये तो असंग  हो जाओ ,दुख निवारन चाहिये तो त्याग  अपनाओ चिर-शांति  चाहिये तो निष्काम  हो जाओ और संसारिक  विकास चाहिये तो कर्तव्य  -परायण हो कर मिले हुए का सदुपयोग करो

1 comment:

Naman said...

hello !!!! this is a very good comment ...keep writing these kind of comments ....