कृपादृष्टि

|| प्रभु मैं जानता हूँ आपकी अ

सीम कृपादृष्टि लगातार मेरी और लगी हुई है आप मुझे आशीर्वाद देवें ताकि मैं आपका निरंतर  सिमरन करते हुए उसकी अनुभूति  कर सकूं ||