क्या करें ( What should I do )

 भक्ति चाहिये तो विश्वास करो , मुक्ति  चाहिये तो असंग  हो जाओ ,दुख निवारन चाहिये तो त्याग  अपनाओ चिर-शांति  चाहिये तो निष्काम  हो जाओ और संसारिक  विकास चाहिये तो कर्तव्य  -परायण हो कर मिले हुए का सदुपयोग करो

अकेलापन (lonliness)

आदमी अपनेआप को तभी अकेला महसूस करता है जब वह यह भूल जाता है कि उसका परम पिता परमेश्वर हमेशा उसके साथ है